कई दिग्गजों को तलाशनी होगी नई जमीन,लग सकती है कानुनी अड़चन !

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नगर पंचायत का नया आरक्षण रोस्टर हुआ अनुमोदित

सहरसा/सिमरी बख्तियारपुर(ब्रजेश भारती)  : नगर पंचायत सिमरी बख्तियारपुर में नया आरक्षण रोस्टर को राज्य चुनाव आयोग ने अनुमोदित कर दिया है। नये आरक्षण रोस्टर के अनुमोदन के बाद कई वार्ड पार्षदों को सीट आरक्षण की श्रेणी में चले जाने के कारण ऐसे पार्षदों को चुनाव लड़ने के लिये नई जगह तलाशनी होगी। वही नये आरक्षण रोस्टर पर सियासी घमासान भी चरम पर पहुंच गया है।

वार्ड पार्षद सह जदयू नेता चन्द्रमणी ने नये आरक्षण रोस्टर पर सबाल उठाते हुये इसको कोर्ट में चुनौती देने की बात कहीं।इस संबंध पर उन्होने एक पत्र पूर्व ही जिलाधिकारी सह निर्वाची पदाधिकारी सहरसा को प्रेषित कर कार्यपालक पदाधिकारी पर दुर्भावना से प्रेरित हो कर नया आरक्षण रोस्टर बनाने की शिकायत की है। अब जबकि आयोग ने नया आरक्षण रोस्टर पर मुहर लगा दी है तो चुनाव समीकरण भी बनना शुरू हो गया है। जदयू नेता चन्द्रमणी की सीट आरक्षण की श्रेणी में चला गया है |

वही पूर्व उपाध्यक्ष विकास कुमार विक्की को भी नई जमीन तलाशनी होगी वर्तमान अध्यक्ष को इससे कोई फर्क नही पड़ा है।नये आरक्षण के अनुसार नगर पंचायत सिमरी के कुल 15 वार्डो में 7 वार्ड महिलाओं के लिये आरक्षित हो गया है जिनमें वार्ड नं 2,3,4,6,11,13 व 15 सामिल है जिनमें अनारक्षित बी सी श्रेणी में वार्ड नं 2 व 4 को रखा गया है ।वही पिछड़ा वर्ग अन्य के लिये वार्ड नं 1,7,8,10,व 12 को लिया गया है।सामान्य महिलाओं के लिये वार्ड नं 3,11 व 15 बनी है।सामान्य अन्य के लिये 14 वार्ड है। इसके अलावे भी अन्य वार्डो की भी आरक्षण श्रेणी बदली गई है।koshixpress

फंस सकता है कानुनी अड़चन 

जैसा का नियम था कि जिस निकाय में दो टर्म चुनाव हो चुका है वहा नया आरक्षण रोस्टर लागू होगा इसी को आघार बना कर नगर पंचायत सिमरी बख्तियारपुर में भी नया आरक्षण रोस्टर बनाया गया अब ये बड़ा दिलचस्प हो गया है कि इस नगर पंचायत में सिर्फ एक बार ही चुनाव हुआ है। जबकि एक बार 2007 में नामांकन के बाद चुनाव चिन्ह आवंटन के बाबजूद चुनाव कोर्ट की रोक की बजह से नही हो सका।साथ ही 2012 में हुये चुनाव में 2009 के जनगणना को आधार बना कर चुनाव कराया गया जबकि 2011 में जनगणना हुआ लेकिन इस जनगणना को आधार नही बनाया गया।इसके अलावे भी कई कानुनी दांव पेंच होने की बात जानकारों बताता है ऐसे में एक बार फिर नया आरक्षण रोस्टर पर कानुनी अड़चन फंस जाय तो कोई अचरज की बात नही होगी।

वही नगर पंचायत कार्यपालक पदाधिकारी रीता कुमारी से पुछे जाने पर बताई की अभी हमलोगो को आयोग से अनुमोदन का पत्र नही आया है हमलोगो ने आयोग के दिये गये निर्देष के आलोक में नया आरक्षण रोस्टर भेजा था। चुनाव कराना आयोग का कार्य है इस पर हमलोग कुछ नही बोल सकते है जैसा वरीय अधिकारी का आदेश आता है हमलोगो काम करते है।