अध्यात्म का ध्वजा फहराने वाले को ज्ञान देने वाला विद्यालय में न भवन,न पर्याप्त शिक्षक !

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भागलपुर (मुकेश कुमार मिश्र) : बिहार के भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल अंतर्गत राजकीयकृत नंद कुमार उच्च विद्यालय नगरह आज भी मूलभूत सुविधाओं के वंचित हैं। विद्यालय की जर्जर भवन को देखकर शिक्षा विभाग की उदासीनता एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि की उपेक्षा स्पष्ट दिखाई देता है। सरकार लाख घोषणानाए करते रहें लेकिन धरातल पर कुछ ओर हैं। आज भी हाईस्कूल यदि भवन विहिन रहे तो शिक्षा विभाग के लिये प्रश्न चिह्न है। समय बदल गया , लेकिन नवगछिया से 6 किलोमीटर दूर में अवस्थित राजकीयकृत नंद कुमार उच्च विद्यालय नगरह आज भी जस का तस हैं।koshixpress

क्या कहते हैं प्रभारी प्रधानाध्यापक

विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक अशोक कुमार सिंह बताते हैं कि विद्यालय की स्थापना 1969 ई० में हुआ है। खपरैल एवं ईट का  जर्जर दस कमरे हैं। विद्यालय में पांच शिक्षक कार्यरत हैं। ओर पांच बिषय गणित, विज्ञान, भूगोल, अंग्रेजी एवं हिन्दी के शिक्षक का वर्षों से पद  रिक्त  पड़ा हुआ है। जिससे छात्र छात्राओं को पढाई में परेशानी हो रही हैं। नौवीं क क्षा में 234 एवं दसवीं कक्षा में 227 छात्र छात्राओं की पढ़ाई पांच शिक्षकों के बीच होती हैं। एवं दो आदेशपाल का पद रिक्त हैं। कई बार शिक्षा विभाग की बैठक में भवन निर्माण, शिक्षकों की कमी, चहारदीवारी  आदि समस्याओं को लेकर लिखित रूप में दिया। लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुआ। स्थानीय विधायक को भी लिखित रूप में विद्यालय की समस्या से अवगत करा चुका हूँ। उक्त विद्यालय में खिड़की की दुर्दशा चोरों को आमंत्रित कर रहा है।koshixpress

विद्यालय की उपलब्धि 

नगरह,बैसी, सोकचा, साधोपुर, विनटोली गांव के बीच में अवस्थित यह विद्यालय ज्ञान की रोशनी फैला रही हैं। इस जर्जर भवन में भी इस इलाके के छात्र छात्रा पढाई कर स्कूल का नाम रौशन कर रहे हैं। यहाँ के कई छात्र छात्रा उच्च पद पर कार्यरत हैं। लेकिन ज्ञान का मंदिर वहीं खड़ी है।  सभी क्षेत्रों में यहां के छात्र परचम लहरा चुके हैं।

क्या कहते हैं स्कूल के छात्रkoshixpress

इस विद्यालय के छात्र रह चुके परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज जिन्होंने घर घर में आध्यात्मिक का ज्योति जलाकर लोगों को धार्मिक हीं नहीं बल्कि समाजिक सरोकारों से जोडकर समाज में एक नई उर्जा दी  हैं। उन्होंने बताया कि इस विद्या की मंदिर को कब छत मिलेगी, शायद मसीहा की तलाश में हैं। स्वामी  जी बताते हैं कि इस विद्यालय में मैं अध्यापक की भूमिका निभा चुका हूँ। 1995 ई० में शिक्षकों की कमी के कारण सभी विषयों की  पढ़ाई छात्रो के बीच मेरे द्वारा किया गया था |

परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज
परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज

क्या कहते हैं ग्रामीण

इलाके के बुजुर्ग एवं छात्र बताते हैं कि स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं शिक्षा विभाग की उपेक्षा के कारण विद्यालय नष्टभ्रष्ट हो रहा है। ग्रामीण अरुण कुमार सिंह,राम  कुमार सिंह, हरिनंदन। प्रसाद सिंह,कामो यादव, प्रकाश कुमार, दिनेश झा, पप्पु मंडल, आदि का मानना है कि हाईस्कूल की समस्या कई बार स्थानीय सांसद बूलो मंडल एवं स्थानीय विधायक गोपाल मंडल को कई बार अवगत करा चुका हूँ।  लेकिन आजतक विद्यालय का जीर्णोद्धार नहीं हो सका। सांसद एवं विधायक यदि चाह लें तो विद्यालय का उद्धार हो जाएगा । स्मरणीय हो कि विद्यालय स्थानीय, जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक उपेक्षा  का शिकार हो गया है।