फसल सुरक्षा बांध निर्माण में खुलेआम बाल श्रमिकों से कराया जा रहा कार्य,

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बाल श्रमिकों से खुले आम कराया जा रहा कार्य

सहरसा:बाल श्रम उन्मूलन को लेकर सरकार ने कई कार्यक्रमों की शुरुआत की है। फिर भी खेत खलिहानों से लेकर होटलों, चाय नाश्ता या किराना दुकानों पर बाल श्रमिकों को काम करते देखा जा रहा है। यही नहीं कई बच्चे कूड़े की ढेर पर अपना बचपन तलाशते देखे जाते हैं।

बाल श्रम उन्मूलन के लिए कई तरह की योजनाएं चलाई जा रही हैं। यहां तक की उन्हें शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए जगह-जगह आवासीय विद्यालय खोले गए हैं। बाल श्रम रोकने के लिए कानून बनाकर दोषी लोगों को दंडित करने का प्रावधान भी बना, लेकिन इसका अपेक्षित परिणाम अब तक सामने नजर नहीं आ पा रहा है। लोगों के द्वारा बाल मजदूर को खुलेआम काम करा रहे हैं।

ज़िले के सौरबाजार प्रखंड क्षेत्र में बाल श्रम धड़ल्ले से चल रहा है। खास बात तो यह है कि बालश्रम चोरी छिपे कई जगह होता है पर दिन के उजाले में प्रखंड क्षेत्र के सहुरिया पश्चिमी पंचायत स्थित वार्ड नंबर आठ दान चकला में खुलेआम स्थानीय वार्ड सदस्य,मुखिया पुष्पा देवी एवं सम्बंधित पदाधिकारी के मिलीभगत से करीब 30 लाख की मनरेगा योजना से फसल सुरक्षा बांध निर्माण कार्य मे नियमों को ताक पर रख कर बाल श्रमिको से कार्य कराया जा रहा है।
बाल श्रमिकों द्वारा कराए जा रहे कार्य को देख कर ग्रामीणों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
दान-चकला के कुछ ग्रामीणों ने दबे जुबान कहा कि मुखिया पुष्पा देवी द्वारा खुलेआम करोड़ो की योजना को खोलकर राशि का बंदरबांट करने में जुटे हुए है। जबकि कई बार उनके द्वारा कराए गए मनरेगा कार्य मे जांच के दौरान JCB भी जब्त की गई थी।ग्रामीणों की माने तो अमृत सरोवर योजना में भी लाखों की हेरा-फेरी की गई थी और इसी हेरा-फेरी का ही नतीजा है कि अमृत सरोवर में एक बूंद पानी भी नहीं है।
ताजा मामला फसल सुरक्षा बांध निर्माण कार्य मे बाल श्रमिकों से कार्य कराकर राशि के बंदरबाट में मुखिया लगे हुए है।
खुले-आम बाल श्रमिकों से कराए जा रहे कार्य मे PRS,JE,PTA,PO की मिलीभगत से साफ इंकार नहीं किया जा सकता।
जब इस संबंध में पीआरएस से मोबाइल पर जानकारी लेना चाहा तो वे जानकारी नहीं होने की बात कही।
सोर्स@इनपुट