नोट प्रचलन पर प्रधानमंत्री के फैसले पर क्या है आमजनों की राय !

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सहरसा/सिमरी बख्तियारपुर से ब्रजेश भारती की प्रस्तुति :-

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा मंगलवार देर शाम को जैसे ही 5 सौ व हजार रूपये के पुराने नोट का प्रचलन बंद करने की धोषणा की वैसे ही आमजनों में इसको लेकर चर्चा शुरू हो गई। सब लौग अपना अपनी राय देने में लग गये।वुधवार दिन भर चाय पान की दुकानों से लेकर आफिस या फिर गृहणियों के बीच नोटो को लेकर चर्चा का बाजार गर्म रहा तो गुरूवार को जिला मुख्यालय सहित प्रखंडो के बैंकों में लोगो की लम्बी कतारे सहित चर्चा का बाज़ार गर्म रहा |

प्रस्तुत है आमलोगो की अपनी अपनी राय

ब्लाक चौक स्थित चाय दुकानदार अनुज कुमार– वे बोले की जैसे ही वह करीब दस बजे अपनी चाय की दुकान खोले लोगो का आना शुरू हो गया और सिर्फ रूपये के प्रचलन पर ही चर्चा होने लगी।सभी की बातों को सुनते ही बीच बीच में अपनी भी राय देते रहें। उनका कहना था कि पहली वार मोदी जी ऐसे प्रधानमंत्री हुये जो जो भी फैसला लेते है देश भर में चर्चा का विषय बन रहा है। इस कदम को सही बताते हुये देश बीच में लिया गया ऐतिहासिक कदम बताया।

गैरेज मिस्त्री कादिर आलम
गैरेज मिस्त्री कादिर आलम
चांद मंजर ईमाम
चांद मंजर ईमाम

लोजपा नेता चांद मंजर ईमाम – उन्होने कहा की देश के अर्थव्यवस्था में यह कदम कारगर साबित होगा। मोदी जी के फैसले का स्वागत करते हुये कहा की जाली नोटो पर अंकुश तो लगेगा ही साथ ही देश में रखे कालेधन पर भी लगाम लगेगी।

कांग्रेस नगर अध्यक्ष सचिन स्वर्णकार
कांग्रेस नगर अध्यक्ष सचिन स्वर्णकार

कांग्रेस के नगर अध्यक्ष सचिन स्वर्णकार – इनका कहना है की ये काम तो सही हुआ है लेकिन मोदी जी को जल्द बाजी में ये फैसला नही लेना चाहिये आमजनों का ख्याल होनी चाहिये थी।आज आमजन परेशान है पेट्रोल पंप,रेलवे काउन्टर,अस्पताल में लोग खुल्ले नही होने से परेशान हो रहें है।

खम्होती निवासी मौलाना फिरोज आलम – इनका कहना है की इतने से काम नही चलेगा भष्टाचार पर लगाम लगाने के लिये जमीनी स्तर से कारगर कदम उठाने की जरूरत है। क्या नये नोट से धुसखौरी समाप्त बंद हो जायेगी? मध्यवर्गीय को ना तो इससे कोई लाभ हुआ ना ही कोई नुकसान।

मौलाना फिरोज आलम
मौलाना फिरोज आलम

महम्मदपुर पंचायत की पूर्व मुखिया बबली सिह – वे कहती है की सरकार के द्वारा उठाया गया ये कदम तो सही है पर उन गृहणियों के बारे में भी कोई फैसला देना चाहिये था जो कुछ कुछ रकम जमा कर असमय काम के लिये रखी थी अब वह रूपये सामने आ जायेंगे। उनके लिये अलग से कोई फैसला होना चाहिये था।

पूर्व मुखिया बबली सिंह
पूर्व मुखिया बबली सिंह

बस्ती निवासी गैरेज मैकेनिक कादिर आलम – यह कदम देश हीत में सही कदम है पर इससे आमलोगो को क्या लाभ होगा। काला धन,टैक्स की चोरी बड़े लोग करते है वे देश में कितने प्रतिशत है देश के 70 प्रतिशत किसानों के संबंध में कोई बड़ा फैसला ही कुछ अच्छा कर सकता है।