बीमारी ठीक करने के लिए लोगों को सूई भी लेनी पड़ती है – नंदनी सरकार !

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संजय कुमार सुमन : प्रधनमन्त्री नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा पांच सौ और हज़ार रुपये के नोटबंदी पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भागलपुर जिला परिषद नंदनी सरकार ने कहा कि बीमारी ठीक करने के लिए लोगों को सूई भी लेनी पड़ती है। इसमें दर्द भी होता है। अगर देश के कालेधन की गंभीर बीमारी दूर करने के लिए कुछ देर कतार में खड़ा रहना पड़ रहा है तो यह कौन सी बात है।रेलवे और सिनेमा के टिकट लेने के लिये लोगों को घंटों लाइन में खड़े रहना पड़ता है।नोट के अभाव में उनके घर के कई कार्य बाधित है। लेकिन उन्हें इस बात का कोई मलाल नहीं है।koshixpress

आज नहीं तो कल नोट तो बदले ही जाएंगे। लेकिन देश को कालेधन से जल्द निजात मिलनी चाहिए। बहरहाल नोट बंदी के बाद से लोग जिस तरीके से बैंकों में कतारबद्ध होकर सलीके से अपने नोट बदल और जमा कर रहे हैं तो इससे इतना तो साफ लगता है कि देश हित में लोग इन परेशानियों को अहमियत नही दे रहे हैं।वे कहती हैं कि माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा 500 रूपया और 1000 रूपया के पुराने नोट बंद के फैसले से सौ प्रतिशत सहमत हूँ। इससे भ्रष्टाचार एवं कालाधन पर नियंत्रण किया जा सकेगा । इससे आम आदमी पर कोई असर नही पड़ेगा, वह चिंतित नही हो ।जिस हिसाब से कालाधन खत्म करने के लिए,यह कदम उठाया गया ,यह देश हित मे काफी साहसी व ईमानदारी का धोतक है।इस से सबसे ज्यादा असर व चुप्पी साधे हुए है,भ्रष्ट जनप्रतिनिधि व पदाधिकारी इस मे कनीय नेता पदाधिकारी से लेकर ,बडे व ऊँचे जनप्रतिनिधि तक है।जिस तरह अब आयकर विभाग की छापेमारी बडे शहरो मे शुरू की गई है।उसी तरह प्रखंड से लेकर बडे शहरो तक यह अभियान चलनी चाहिए, तब जाकर “काला धन स्वच्छता” मिशन पूर्णतः सफल हो जाएगा।

जिप नंदनी सरकार कहती हैं कि प्रधानमंत्री के निर्णय से कालेधन पर शिकंजा कसेगा तथा देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। प्रधानमंत्री के इस कदम से आम जनता में खुशी है। देश के अंदर जो भी कालाधन दबा कर रखा गया है वो अब धीरे-धीरे बाहर आने लगेगा। विरोध करने वालों पर तंज़ कसते हुए कहा कि नोट बंदी का विरोध वही लोग कर रहे हैं जो भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबी हुए हैं |