बेलगाम बिहार पुलिस के तीन क्रूर कारनामे !

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बेलगाम अपराधियों और अवैध शराब कारोबारियों पर अंकुश लगाने में विफल बिहार पुलिस बेबश और लाचार लोगों पर कहर बरपाने के लिए कुख्यात हो चुकी है |अररिया के कुर्साकांटा थाना में गर्वबती महिला की पिटाई,सहरसा के बनगांव थाना में एक बुजुर्ग की निर्ममता से की गई पिटाई और भागलपुर में अपना अधिकार मांग रही महिलाओं को पुलिस द्वारा निर्ममता से पीटना इसका ताजा उदाधारण है |घटना के बाद कारवाई के नाम पर थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर और निलंबित करना वरीय अधिकारियों की फितरत रही है |महज इसी कारवाई से उन पीड़ितों को इंसाफ मिलने वाला है क्या ?


koshixpressअररिया (त्रिभुवन) : बिहार पुलिस की बर्बरता की ऐसी खबर सामने आई है जिसे जानना आपके लिए जरुरी है. बिहार पुलिस के जवानों ने अपनी नाकामी छुपाने के लिए एक लाचार और बेबस गर्भवती महिला को निशाना बनाया. जिले के चिकनी गांव में कुर्साकांटा पुलिस की बर्बरता सामने आई है. यहां के पुलिस ने अपनी खीज उतारने के लिए एक गर्भवती महिला को बंदूक के कुंदे से पिट डाला. पुलिस की यह बर्बरता यहीं नहीं रुकी. पुलिस की पिटाई से गर्भवती महिला के पेट में पल रहे बच्चे की मौत हो गई |

खबरों के मुताबिक कुर्साकांटा थाना पुलिस वारंटी ब्रह्मदेव मण्डल को पकड़े चिकनी गांव गई थी. लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही ब्रह्मदेव मण्डल फरार होने में सफल हो गया. पुलिस के जवान अपनी नाकामी और खीज उतारने के लिए ब्रह्मदेव मण्डल की गर्भवती पत्नी को बंदूक के कूंदे से पिटना शुरु कर दिया. पुलिस की इस पिटाई से ब्रह्मदेव मण्डल की गर्भवती पत्नी के पेट में पल रहे बच्चे की मौत हो गई. इस घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थित कायम है|

क्या है पूरा मामला 

घटना के संबंध में पीड़ित महिला धनेश्वरी देवी पति ब्रहमदेव मंडल चिकनी गांव फकिरना टोला वार्ड संख्या 13 कुर्साकांटा निवासी ने अनुमंडल अस्पताल फारबिसगंज में ईलाज के दौरान रविवार को बताया कि शनिवार की देर रात करीब 12 बजे कुर्साकाटा पुलिस उनके घर आई और जबरन दरवाजा खोलने को कहने लगा। जिस पर उसने घर के अंदर से आवाज देते हुए पूछा की आप कौन हैं लेकिन पुलिस वाले कुछ बोलने के बदले जबरन उन्हें दरबाजा खोलने को कहने लगे। इस दौरान पुलिस बल के रूप में कोई महिला पुलिस नहीं थी। बताया कि जब मैंने दरबाजा खोला तो पुलिस उनके पति को खोजते हुए उनके बारे में पूछने लगे।koshixpress

पीड़िता ने बताया कि उसने पुलिस को बताया कि उनका पति इस रूम में नहीं है दूसरे रूम में सो रहे होंगे। बावजूद पुलिसकर्मियों ने उनकी कोई बात नहीं सुनी और बंदुक के कुंदे से उने पेट पर मार दिया। इस क्रम में कुर्साकांटा के थानाध्यक्ष विकास कुमार और छोटा बाबु ने भी उसके साथ मारपीट की। और इस दौरान वह चिल्लाते हुए गिर पड़ी। वहीं पीड़ित महिला को ईलाज कराने आये उनके परिजनो ने भी कुछ इसी तरह की बात कही।

परिजनों ने बताया कि महिला के चिल्लाने पर दर्द से परेशान पीड़िता को ग्रामीणो के सहयोग से रविवार की सुबह अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां चिकित्सकों ने बड़े मुश्किल से महिला की जान तो बचा ली परंतु गर्भ में पल रहे शिशु को बचाने में चिकित्सक असफल रहें। पुछे जाने पर चिकित्सा पदाधिकारी डा. अजय कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित महिला करीब 6 बजे सुबह गंभीर अवस्था में अस्पताल लाई गई। बताया कि पीड़िता का बहुत ज्यादा ब्लीडिंग हो रही थी। चिकित्सकों के अपने प्रयास से महिला को तो बचा लिया गया। लेकिन बच्चे को नहीं बचाया जा सका।

उन्होंने कहा कि चुंकि महिला के पेट में चोट लगी थी । इसलिए बच्चे को भी चोट लगा होगा। देखने से कहीं चोट का निशान नहीं मिलता है लेकिन शिशु की मौत चोट के कारण हुआ है। फिलहाल पीड़ित महिला ठीक है। उनका ईलाज चल रहा है। घटना की सूचना स्थानीय थाना को दे दी गई है। कहा कि जांच के बाद हीं पता चलेगा की बच्चे की मौत किस प्रस्थिति में हुई है।