छठ पूजा को लेकर सज गया बाजार !

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kx डेस्क : कोसी वासी छठ पूजा की तैयारी में लग गए हैं। बाजारों में पूजन सामग्री खरीदने के लिए लोगों की भीड़ लगने लगी है। सूप, दौड़ा, डगरा, फल- फूल आदि की दुकानें भी सज गयी हैं। लोक आस्था के इस पर्व को मनाने में सहरसा,सुपौल,मधेपुरा जिले वासी कोई भी कसर नहीं छोड़ना चाह रहे हैं। पारंपरिक परिधानों से लेकर पारंपरिक पूजन सामग्रियों तक की खरीददारी जोरों पर है|koshixpress

पूजा स्पेशल कपड़े की खरीदारी 

छठ पूजा को ध्यान में रखते हुए कपड़ा व्यवसायियों ने भी अपने खासकर पूजा को लेकर कपड़े मंगवाए हैं। छठ को लेकर लोग लाल- पीली साड़ी की खरीदारी कर रहे है खास कर सूती साड़ियो को ज्यादा पसंद किया जा रहा है । सहरसा के कपड़ा पट्टी के कपड़ा दुकानदार कहते है कि छठ को ध्यान में रखते हुए हमने व्रतियों के लिये खास तरह की साड़ी मंगवायी है। ऐसे मौके पर लोग लाल- पीली साड़ी अधिक पसंद करती हैं। वहीं लाल पीले की छींट वाली साड़ी भी खूब खरीदी जा रही है। इन साडि़यों का रेंज पांच सौ रुपए से हजार रुपए तक है। इस मौके पर धोती-गमछा की भी खूब विक्री होती है। koshixpress

सूप,डगरा,दौरा के दाम भी आसमान पर 

लोक आस्था के इस पर्व में परंपराओं का पूरा ख्याल रखा जाता है। लोग बांस से बने हुए सूप, डगरा, दौड़ा आदि का ही इस्तेमाल करते हैं। वहीं कुछ लोग पीतल के सूप का भी इस्तेमाल करते हैं। सहरसा के डीबी रोड,पूरब बाज़ार,शंकर चौक आदि जगहों से इन सामानों की खरीदारी कर रहे है |वही सूप भी 70 से 90 रुपए जोड़ा मिल रहा है। दौड़ी भी अलग-अलग साईंज में अलग अलग कीमतों पर मिल रहा है |साथ ही डगरा की कीमत साईंज के अनुसार महंगी मिल रहा है |हालंकि कुछ लोगो द्वारा दीपावली से पूर्व भी सूप,डगरा,दौड़ा की खरीदारी कर ली गई थी |koshixpress

जलावन की कीमत भी किसी से कम नही 

मिट्टी के चूल्हे पर पूजन सामग्री और पकवान बनाने का भी चलन है। शहर के कई जगहों पर मिट्टी के चूल्हे मिल रहे हैं। हर जगह पर इसके रेट में थोड़े बहुत का अंतर जरूर दिख रहा है। वहीं जलावन के दाम भी जगह के अनुसार अलग-अलग कीमतों पर मिल रहा है।koshixpress

फलों की कीमतों में इजाफा

छठ पूजा में फलों की खरीददारी भी खूब होती है।पूजा से पूर्व से ही फलों की कीमत में इजाफा हो गया है |नारियल की कीमत बढ़ी है तो सेव भी किसी से कम नही |स्थानीय सब्जी मंडी में जिले से बाहर से केला ट्रको,ट्रेक्टरों,सहित अन्य चार पहिया गाडियों से आने का सिलसिला कई दिनों से जारी है|