कैमरा,कलम और माइक से बनायी पहचान : किसलय

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गायक उदित नारायण एवं भोजपुरी कोकिल शारदा सिन्हा संग किसलय

कोशी नदी के पूर्वी तट फ्ऱ अवस्थित गाँव एकाढ़ भकुआ और वही सन 1979 मे प्रभा देवी और कृष्ण वल्लभ्र ठाकुर के सबसे छोटे पुत्र के रूप में जन्म लेने वाले युवा किसलय कृष्ण ने निरन्तर संघर्ष करते हुए अपनी अलग पहचान स्थापित किया है ।

किसलय कृष्ण
किसलय कृष्ण
एंकर की भूमिका में किसलय
एंकर की भूमिका में किसलय

जाने किसलय के बारे में 

दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर करने के बाद किसलय ने एक ऐसा कैरियर चुना जिसका डगर काँटों भरा है ।ये फिल्म जगत में अपना वजूद खोजने निकले पड़े और झ्सी क्रम में इनका लगाव मातृभाषा मैथिली से हो गया ।विभिन्न मिडिया हाउस में अल्पकालिक सेवा दे चुके इस संघर्षजीवी को नौकरी कभी रास नहीं आयी,फलतः आर्थिक समस्या लाजिमी है । सभी समस्याओं से हँसकर खेलते हुए इन्होंने मैथिली साहित्य,मंच,सिनेमा,टीवी आदि में अपनी महत्वपूर्ण उपस्थिति दर्ज करने लगे ।

सम्मान प्राप्त करते किसलय
सम्मान प्राप्त करते किसलय

सफलतम उदघोषक के रूप में अलग पहचान 

मैथिली मंच के सफलतम उदघोषक रूप में इनकी ख्याति भारत और नेपाल में काफी है । साल भर से सीतामढ़ी की रहनेवाली अभिनेत्री जानबी झा के साथ मैथिली मंच में इनकी लोकप्रिय उदघोषकीय जोड़ी बन चुकी है,जिसके साथ ये टीवी शो मेड इन मिथिला भी कर रहे हैं । जिले के लछमिनियाँ मे स्थापित विद्यापति सांस्कृतिक परिसर के परिकल्पक किसलय ने मैथिली में विडिओ पत्रिका मिथिला भारती,परिकल्पना का सफल सम्पादन कर चुके हैं तो फ्रिलवक्त दिल्ली से प्रकाशित पाक्षिक मैथिली जिन्दाबाद का सम्पादन इन्हीं के जिम्मे है ।

गायक उदित नारायण एवं भोजपुरी कोकिल शारदा सिन्हा संग किसलय
गायक उदित नारायण एवं भोजपुरी कोकिल शारदा सिन्हा संग किसलय

प्रतिभा के धनी किसलय का वॉलीवुड से नाता

कभी सौभाग्य मिथिला टीवी के चर्चित चेहरा रह चुके इस युवा ने 2009 में मैथिली फिल्म अप्पन गाम अप्पन लोक का लेखन निर्देशन किया और सम्प्रति विस्थापन पर केन्द्रित हमर दुखक नहि ओर की तैयारी में लग चुके हैं ।इस मध्य इन्होंने मैथिली की कई फिल्मों के लिए गीत लेखन भी किया और इनके शब्दों को वॉलीवुड के चर्चित गायक उदित नारायण,कुमार सानू,मो अजीज,अनुराधा पौडवाल आदि ने भी अपना स्वर दिया है ।शीघ्र ही लोकप्रिय गायक अर्जित सिंह और उदित नारायण की मखमली आवाज में किसलय के गीतों का हिंदी अलबम बाजार में होगा ।

मैथिली सिनेमाक इतिहास,जीवन एक रंग अनेक इन की आने वाली किताबें हैं । इस तरह देखा जाए तो कोशी के इस पुत्र ने कैमरे,कलम और माइक के साथ चलते हुए क्षेत्र का नाम रोशन किया है ।