भारत सरकार को सभी विपक्ष को साथ लेकर कारगर कदम उठाना चाहिए – शरद यादव !

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राजीव झा : राज्य सभा सांसद सह जद(यु) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने सहरसा परिसदन में पत्रकारों को बताया कि देश की आंतरिक हालात बहुत खराब है । उरी में हुए आतंकी हमले में शाहिद जवान को में श्रंदांजली अर्पित करता हूँ। शरद जी ने कहा कि देश में महंगाई चरम पे है । शरद ने केंद्र सरकार के बारे में  कहा कि हर वर्ष दो करोड़ लोगों को रोजगार देने वाले सरकार 2014 के बाद कहाँ चली गयी है ।आज अगर दो करोड़ लोगों को प्रति वर्ष रोजगार मिलती तो दो वर्ष में चार करोड़ लोगों को नोकरी मिलती और चालीस करोड़ लोग खुश रहते। आज जो भारत के अंदर हालत है बहुत ही दुखद है आंतरिक हालत देश का ऐसा कभी नहीं हुआ था। आतंकवाद देश के लिए बहुत ही भयानक  स्थिति उत्प्पन कर दिया है ख़ास कर के हिन्दुस्तान को इसका ज्यादा खमियाजा भुगतना पड़ रहा है।koshixpress

आतंकवादी हमले की निंदा

जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने उरी सेना कैम्प पर हुए आतंकवादी हमले की निंदा करते हुए शहीदों को नमन किया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को देश के सभी विपक्ष को साथ लेकर कारगर कदम उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरा देश एकजुट है। उन्होंने कहा कि पठानकोट के बाद उरी की घटना घटी है। इसलिए अब देश की आंतरिक सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने की जरूरत है। श्री यादव ने कहा कि उनकी बातचीत गृहमंत्री राजनाथ सिंह से भी हुई है।

इंतजार में बैठे लोग
इंतजार में बैठे लोग

पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद जी से जब पत्रकारों के द्वारा बिहार के बाहुबली राजद नेता शहाबुद्दीन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कानून पहले भी अपना काम कर रहा था और आगे भी करता रहेगा साथ ही कुछ भी बोलने से परहेज कर बच गये, जबकि बिहार में शराब बंदी के बारे में कुछ भी नहीं बोले । मालूम हो की शरद यादव मधेपुरा लोकसभा से दो बार सांसद रह चुके है और फिर 2019 पुनः चुनाव लड़ सकते है परंतु स्थानीय एक दो मुद्दे को छोड़ अन्य मुद्दे तक कुछ भी उठाया तक नहीं और उसके बारे में कुछ नहीं बोले |

इस मौके पर पूर्व विधायक सह पूर्व मंत्री नरेंद्र नारायण यादव, विधायक रमेश ऋषिदेव, विधायक रत्नेश सादा, एमएलसी विजय वर्मा, जिलाध्यक्ष धनिकलाल मुखिया, सहित पार्टी के दर्जनों  कार्यकर्ता मौजूद थे |

जबकि शरद से सहरसा परिसदन में मिलने के लिये भी गरीब गुरुआ का ताँता लगा रहा । शरद से लंबे इंतजार कर नहीं मिलने के कारण कितने लोग वापस बैरंग लोट गये।