आठवीं पास महिला ने बदल दी गाँव की सूरत !

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आठवी पास महिला रेणु के जज्बे का ही कमाल है कि रहटा पंचायत की महिलाएं नशे की गर्त में डूबे पुरुषों को उबारा और पंचायत को किया नशा मुक्त |नशा ने हमारे गांव को बर्बादी के मुहाने पर ला खड़ा कर दिया था। क्या बड़े, क्या छोटे सभी गांजा व अन्य नशे  के आदी होते जा रहे थे। हाल यह था कि शायद ही किसी परिवार को कोई बच्चा या पुरूष इससे बच पाया था। गांव की स्थिति काफी गंभीर होती जा रही थी। हम महिलाओं के सामने अपने परिवार का भविष्य अंधकारमय दिख रहा था। यह कहते-कहते रेणु देवी चेहरे के तनाव साफ दिखने लगता है और मानों वो अतीत की स्याह गहराई में खो जाती हैं। लेकिन फिर वे सहज होकर कहती हैं, हमने कर दिखाया। हमने अपने गांव को नर्क बनने से बचा लिया। हमने अपने गांव को बचा लिया। हमने बर्बाद हो रही पीढ़ी को बचा लिया।koshixpress

नशा और नशेड़ियो के खिलाफ जंग 

बिहार के मधेपुरा जिला अंतर्गत कुमारखंड प्रखंड के रहटा पंचायत स्थित भवानीपुर की रेणु देवी शंकर जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं तथा दीपक जीविका ग्राम संगठन की अध्यक्ष हैं। रेणु देवी बताती हैं कि हमारे गांव में जबसे जीविका की गतिविधियां आरंभ हुई तो हम दीदी किसी न किसी सामाजिक मुद्दों पर पर सक्रिय थे। परंतु गांव में बढ़ते नशे के चलन के सामने हम काफी विवष थे। गांव के अधिकांष पुरूष, बच्चे इसके शिकार हो रहे थे। हमारे आंखों के सामने हमारी पीढ़िया बर्बाद हो रही थी। हमने अपने पुरूषों, बच्चों को काफी समझाने का प्रयास किया पर हालात में कोई बदलाव नहीं आया। हमने गंजेरियों को गांजा से होने वाले नुकसान के बारे में बताया, पर कुछ नहीं हुआ। हाल तो यह हो गया कि जिस क्षेत्र में गंजेरी लोग गांजा पीते थे, वहां कोई महिला, लड़कियां जाने से डरती थीं। कब कौन किसके साथ बदतमीजी कर दे,कब कौन किस पर फब्ती कस दे। हालत यह हो गयी कि कमाने वाले पुरूष नषा के चक्कर में अपने काम-धाम पर भी ध्यान नहीं देते थे। जिसके कारण घरों में आर्थिक समस्या भी आने लगी।

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 रेणु देवी कहती हैं कि

आखिर हम सब दीदियों का धैर्य जबाब दे दिया। हम सब दीदियों ने ग्राम संगठन में यह फैसला लिया कि हम सब नशे की इस बुरी लत से अपने परिवार को बचायेंगे और इसका एक ही उपाय है कि जो व्यक्ति नशा उपलब्ध करवाता है, उसे ही समझाया जाए। करीब 50 दीदी गांजा वाले के पास गये और उसका सारा गांजा छिन लिया, सारे चिलम को तोड़ दिया। हमने उसे समझाया कि अगर उसने फिर से गांजा बेचा तो हम पुलिस में शिकायत करेंगे। इसके बाद भी गांजा वाला नहीं माना। उसने हमें देख लेने की धमकी दी। इतने के बाद भी जब वह गांजा विक्रेता नहीं माना तो हम दीदियों ने उसके खिलाफ थाने में एफआईआर करवाया। एफआईआर होने के बाद वह गांजा वाला काफी डर गया और उसने गांजा बेचने से तौबा कर ली।

  • रहटा की दीदियों ने पंचायत को किया नशा मुक्त

आठवी पास है रेणु 

मात्र आठवीं पास रेणु देवी कहती हैं कि यह काम काफी जोखिम भरा था लेकिन हमने अपने बच्चों एवं समाज की बेहतरी के लिए यह जोखिम उठाया। अब गांव में शांति भी है और सभी पुरूष अपने-अपने कामों में लगे रहते हैं और बच्चे अपनी पढ़ाई में। पति दिलीप यादव जो पेशे से किसान हैं अपनी पत्नी के इस कार्य से काफी खुश हैं। वे गर्व से कहते हैं कि सब अपने परिवार के बारे में सोचता है, पर इसने तो पूरे समाज को बचा लिया।

इधर जीविका के सामाजिक विकास प्रबंधक अनोज कुमार पोद्दार बताते हैं कि जीविका द्वारा शराबबंदी की दिशा में कई प्रकार की पहल की गयी है। जीविका के सामुदायिक संगठनों में शराब एवं अन्य नशे से होने वाली हानियों के बारे में बताया जाता है तथा जागरूकता कार्यक्रम का भी संचालन किया जाता है।

रिपोर्ट- मुकेश कुमार मिश्र/संजय कुमार सुमन