नोटबंदी का असर निबंधन कार्यालय में भी !

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सुना पड़ा उदाकिशुनगंज का निबंधन कार्यालय

मधेपुरा (संजय कुमार सुमन) : पुराने हजार व पांच सौ के नोट खपाने के लिए रिजर्व बैंक ने लोगों को एक और बड़ी ढील दी है। खरीदार निबंधन शुल्क में पुराने नोट का प्रयोग कर शुल्क जमा कर सकते हैं। लेकिन उदाकिशुनगंज भूमि निबंधन में सरकारी आदेशों की अवहेलना की जा रही है।ज़मीन का निबंधन पुराने नोट पर नही नये नोट पर की जा रही जिससे क्रेता एवं विक्रेता को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है । निबंधन कार्यालय में वीरानी छाई हुई है। नतीजा निबंधन का काम ठप हो गया है । नोट बंदी प्रकरण के बाद पिछले दस दिनों से उदाकिशुनगंज में निबंधन की गति काफी सुस्त पड़ गयी है । इससे सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है । नये नोट से जमीन निबंधन होने पर इसकी संख्या दर्जन भर तक भी नहीं पहुंच पाती है। जबकि, नोटबंदी के पूर्व औसतन हर दिन 60-70 जमीन निबंधन का मामला सामने आता था। जानकारों के मुताबिक पुराना नोट को अनुमति मिलने के बाद से निबंधन कार्य को गति मिल सकती है।

ज़दयू नेता मुर्शीद आलम
ज़दयू नेता मुर्शीद आलम

ज़दयू नेता सह पूर्व मुखिया मुर्शिद आलम कहते है कि यहाँ सरकारी नियमों की खुल्म खुल्ला उलंघन है। पुराने नोट से निबंधन नही होने से आमलोगों के साथ साथ सरकार को भारी पैमाने पर राजस्व का नुकशान हो रहा है।उन्होने निबंधन पदाधिकरी से सरकारी आदेश का पालन करते हुए पुराने नोट पर निबंधन करने की माँग की है।

नही हो रही है स्टाम्प की बिक्री
नही हो रही है स्टाम्प की बिक्री

स्याही निशान से कम हुई बैंकों की भीड़

नोट प्रकरण पर बैंकों में मारामारी थोड़ी कम हुई है। जिले के एसबीआई काउंटर पर दो हजार रूपया बदलने के लिए उंगली में स्याही का निशान लगाने का काम शुरू होने पर कतार थोड़ी कम हुई है। वैसे बैंकों की गहमागहमी अभी देर शाम तक बनी हुई है। एसबीआई के कई एटीएम ने भी दो हजार का नया नोट देना शुरू कर दिया है। इससे भी पैसे की किचकिच कम हुई है। शादी विवाह को लेकर ढाई लाख रूपये की एकमुश्त निकासी की खबर पर ऐसे परिजनों को थोड़ी राहत मिली है। लेकिन, पहले दिन किसी परिवार को इसकी राशि नहीं मिल सकी है। कई पारिवारिक सदस्य इसको लेकर बैंक से पूछताछ करने पहुंचे। लेकिन, निकासी किसी की भी नहीं हो सकी है। बैंक पहुंचे ऐसे ही एक उपभोक्ता ने बताया कि बैंक ने उनके पास राशि की कमी होने का हवाला देकर इससे इंकार कर दिया है।

वहीं एसबीआई शाखा प्रबंधक राजकुमार ने बताया कि उनके बैंक में जिनका खाता है ऐसे माता पिता शाखा पहुंच कर शादी का साक्ष्य देकर राशि की निकासी कर सकते हैं। उन्होंने पहले दिन एक भी आवेदन नहीं आने की बात कही है।