दियारा क्षेत्र में एक बार फ़िर खूनी खेल,भय एवं आतंक का माहौल !

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मधेपुरा (संजय कुमार सुमन) : मधेपुरा एवं भागलपुर जिले के दियारा क्षेत्रों में एक बार फ़िर खूनी खेल अपराधियों के बीच खेला जाने लगा है। इससे दियारा क्षेत्र में आतंक एवं भय का महौल व्याप्त हो गया है। कृषक सहमें सहमें अपने कृषि कार्य को अंजाम दे रहे हैं कब किसकी हत्या हो जाय कहा नही जा सकता है।दो अपराधी सरगना के बीच मछली माही को लेकर गोली बारी की सूचना है। घटना को लेकर स्थानीय थाना में मामला भी दर्ज किया गया है।

बताया जाता है कि नवगछिया पुलिस जिले के कदवा थाना अंतर्गत कोसी माराधार पर कब्ज़ा करने के लिए अपराधियों द्वारा जम कर गोली बरी की गई। हालांकि गोली बारी सॆ किसी भी प्रकार की कोई घटना नही हुई। गोली बारी के बाद एक बार फिर कदवा गांव के लोग दहशत में हैं। गोलीबारी की सूचना पर कदवा ओपी पुलिस और मधेपुरा जिला के चौसा थाना पुलिस ने सोमवार को संयुक्त अपरेशन चलाया है। हालांकि पुलिस को सफलता नहीं मिली। मामले की कदवा ओपी के ठाकुरजी कचहरी टोला निवासी जलकर संचालक विंदेश्वरी सिंह के लिखित आवेदन पर  प्राथमिकी कदवा ओपी थाने में दर्ज कर लिया गया है।   प्रथमिकी में चौसा के पूर्व प्रमुख अझ्ली देवी पति संतलाल सिंह,चौसा थाना के खोपड़िया टोला निवासी बजरंगी सिंह, शंकर सिंह, सुनील सिंह, चूल्लो सिंह, खुसर सिंह, विन्नो सिंह, छट्टो सिंह, राम सिंह के विरुद्ध मामला दर्ज कराया गया है।

कदवा ओपी के थानाध्यक्ष कृष्णकांत भारती ने कहा कि मामले की जानकारी मिलते ही  बाद चौसा थाना को मिलाकर संयुक्त ऑपरेशन किया गया, जल्द ही नामजद अभियुक्गित को रफ्तार किया जायेगा।उन्होंने आठ चक्र गोली चलने की पुष्टि की है। गोली बारी में किसी प्रकार की क्षति होने की सूचना नहीं है।ग्रामीण सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जलकर पर दोनों पक्षों से गोली चलायी गयी है। पिछले दिनों कोसी दियारा में सक्रिय संतलाल गिरोह द्वारा बिंदेश्वरी सिंह से जलकर चलाने के एवज में रंगदारी मांगी गयी थी। विंदेश्वरी सिंह द्वारा रंगदारी नहीं दिए जाने पर संतलाल सिंह गिरोह द्वारा जलकर पर चढ़ाई कर दी गयी। दोनों पक्षों से कुल 50 से 60 चक्र गोली चलने की सूचना है |वहीं कदवा ओपी प्रसासन के अनुसार गोली बारी में किसी प्रकार की छति नहीं हुई है।

घटना सॆ दियारा क्षेत्र में भय एवं आतंक का महौल व्याप्त हो गया है। कृषक डर डर कर कृषि कार्य को अंजाम दे रहें है।बताया जाता है कि आपराधिक गिरोह एक दूसरे के खून के प्यासे हो गये हैं। कब कौन सी घटना हो जाय कहा नही जा सकता है। सूर्यास्त के पूर्व ही लोग अपने घरो में सुरक्षित हो जाना चाहते हैं। बहरहाल जो भी हो एक बार खूनी खेल सॆ इंकार नही किया जा सकता है।