मोर का अभियारण बना आरण !

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koshixpressबिहार के सहरसा जिला अंतर्गत सत्तरकटैया प्रखंड का एक गाँव आरण आजकल मिडिया की सुर्खियों में है इस गाँव में निवास कर रहे राष्ट्रीय पक्षी मोर की बहुतायत आबादी को लेकर ये लोगों के आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है| सैकड़ों की संख्या में मोर का झुँड जब एक साथ निकलता है तो राह चलने वाले अनायास ही रूक जाते हैं और इसके आकर्षण में कैद हो जाते हैं| घर-आंगन में विचरण करते मोर यहाँ सहज ही देखने को मिल जाते हैं जबकि संभवत: ये गाँव बिहार का पहला ऐसा गाँव होगा जहाँ मोर की इतनी आबादी हो सकती है| यहाँ के ग्रामीण जो कृषि और पशुपालन पर आश्रित हैं वो इन्हें भगवान श्रीकृष्ण के प्रतीकात्मक रूप में देखते हैं|इस कारण से लोग इन पक्षियों का बहुत आदर करते हैं और इन्हें किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुँचाते|मोर भी यहाँ के आबोहवा में रच-बस गए हैं और ग्रामीणों के साथ बिलकुल पारिवारिक सदस्य की तरह रहते हैं |koshixpress

करीब पच्चीस वर्ष पहले यहाँ के एक समृद्ध एवम् शौकीन किसान अभिनंदन यादव उर्फ कारी झा ने मोर का एक जोड़ा पंजाब से मंगाया था| कालांतर में इसकी आबादी सैकड़ों में हो गई तब मोरों ने घर-आंगन की चाहरदिवारी से बाहर जाकर यहाँ के जंगलों की ओर अपना रूख किया|आज भी यहाँ के मोर दाना-चुग्गे की तलाश में प्रतिदिन घर के आंगन तथा दरवाजे की ओर आते हैं और यहाँ के लोग इन्हें बड़े प्यार से इनके लिए दाना-पानी उपलब्ध कराते हैं| इन पक्षियों के द्वारा फसल को भारी नुकसान किए जाने के बावजूद ग्रामीण इनके प्रति सहिष्णु रूख रखते हैं|koshixpress

पिछले कुछ महीनों से मिडिया में आरण के मोर पर लगातार छप रही खबरों से स्थानीय प्रशासन सहित राज्य सरकार तक ने संज्ञान लिया | विगत सितंबर माह में वन विभाग के आलाधिकारियों सहित जिला पदाधिकारी सहरसा ने आरण गाँव का दौरा कर यहाँ का जायजा लिया | पदाधिकारीगण ग्रामीणों से पूर्ण जानकारी लेकर संतुष्ट हुए और इस गाँव में रह रहे पक्षियों के लिए कुछ करने का आश्वासन भी दिया| तत्पश्चात वन विभाग की ओर से इस संपूर्ण क्षेत्र को हरा-भरा करने के उद्देश्य से सड़कों के किनारे पेड़ लगाए जाने लगे हैं तथा संपूर्ण गाँव के लोगों में विभाग द्वारा पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी फैलाया जा रहा है जिससे कि मोर के जीवन व संवर्धन के लिए अत्यधिक अनुकूल वातावरण पैदा किया जा सके|koshixpress

सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने भी इस गाँव के प्रति दिलचस्पी दिखाई है और राज्य सरकार के आलाधिकारियों के निर्देश पर पटना के साक्षी कम्यूनिकेशन की ओर से यहाँ मोर की दिनचर्या और ग्रामीणों के रहन-सहन पर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म का निर्माण भी शुरू हो गया है|दिनांक 23 नवंबर को साक्षी कम्यूनिकेशन के निर्देशक श्री आर बी सिंह सहित उनकी टीम ने यहाँ पहुँचकर शूटिंग का शुभारंभ किया|शुरूआती शूटिंग में कैमरामैन राजेश राठौर, स्क्रिप्टराईटर चंद्रभूषण झा और एंकर रूचि कुमारी ने परिचयात्मक सीन को फिल्माया| इस शूटिंग के प्रारंभ होने से ग्रामीणों में हर्ष व्याप्त है तथा लोग आशाभरी नज़रों से सरकार की ओर देख रहे हैं|

रिपोर्ट और तस्वीरबिपिन कुमार सिंह/सहरसा koshixpress

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