एपिसोड-1 बिहार का जंगलराज, छोटन शुक्ला की मौत का बदला?

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लालू के प्रिय मंत्री बृज बिहारी प्रसाद हत्याकांड
पूर्वांचल के बाहुबली श्री प्रकाश शुक्ला का एंट्री बाहुबली
बिहार में उस समय छोटन शुक्ला और कलेक्टर जी कृष्णैया की हत्या के बाद माहौल गर्म हो गया, आनंद मोहन जेल जा चुके थे, अब गैंग को संभाला छोटन शुक्ला के छोटे भाई भुटकुन शुक्ला ने जो काफी शार्प शूटर थे और गुस्से वाले नेचर के थे!
हालांकि बृज बिहारी प्रसाद जो लालू यादव के दुलारे थे उन्हें इनाम स्वरूप मंत्रालय मिल गया लेकिन उनके मन में शुक्ला परिवार का भय हमेशा सताते रहा कि उनके साथ कभी भी कुछ हो सकता है, इसलिए हमेशा हथियारबंद सरकारी बॉडीगार्ड और प्राइवेट बॉडीगार्ड से घिरे रहते थे!
भुटकुन शुक्ला जो अपने भाई की हत्या का बदला लेने के लिए उतावले हो रहे थे उन्हें मौका के रूप में मिला बृज बिहारी का काफी करीबी ओंकार सिंह जिसको मौत के घाट उतार दिया गया लेकिन भुटकुन शुक्ला भी ज्यादा समय तक सुरक्षित नहीं रह पाए और उनकी भी हत्या कर दी गई!

इसके बाद कमान संभाला मुन्ना शुक्ला ने जो छोटन शुक्ला के तीसरे नंबर भाई थे, कहा जाता है कि उन्होंने समझदारी से काम लेते हुए सूरजभान सिंह और राजन तिवारी का मदद लिया!

छोटन शुक्ला (फ़ाइल फ़ोटो)
सूरजभान सिंह के इस खेल में आते ही इंट्री होता है पूर्वांचल के बाहुबली श्री प्रकाश शुक्ला का जो सूरज भान सिंह के काफी करीबी बताए जाते थे!

साल 1998 में एडमिशन घोटाले में बृज बिहारी प्रसाद अरेस्ट हो गए, बृज बिहारी ने गिरफ्तारी के बाद सीने में दर्द होने की बात कहकर खुद को पटना के इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में भर्ती करा लिया, पुलिस सुरक्षा के बीच बृज बिहारी अस्पताल में भर्ती रहे, लालू के करीबी होने के चलते बृज बिहारी का रूतबा भी था!

आनंद मोहन
बृज बिहारी को खुद भी खतरे का अंदेशा था, 13 जून की तारीख थी और साल 1998.. बृज बिहारी प्रसाद पटना के IGIMS में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के बीच टहल रहे थे, इसी बीच एक लाल बत्ती लगी कार में यूपी का डॉन श्रीप्रकाश शुक्ला अपने तीन साथियों के साथ परिसर में घुसे, इसके बाद बृज बिहारी प्रसाद को एके-47 से छलनी कर दिया गया!
डॉन श्रीप्रकाश शुक्ला को खौफ की दुनिया में असली शोहरत बिहार के मंत्री बृज बिहारी प्रसाद के हत्याकांड से ही मिली थी! पटना की एक अदालत ने वर्ष 2009 में दो पूर्व विधायकों राजन तिवारी और मुन्ना शुक्ला, पूर्व सांसद सूरजभान सिंह सहित 8 अभियुक्तों को इस मामले में दोषी पाया था, इन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी लेकिन पटना हाईकोर्ट ने राज्य के पूर्व मंत्री बृज बिहारी प्रसाद हत्याकांड में सभी अभियुक्तों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया, हाईकोर्ट ने जेल में बंद राजन तिवारी, मंटू तिवारी और मुन्ना शुक्ला को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया, जबकि जमानत पर चल रहे पूर्व सांसद सूरजभान सिंह, मुकेश सिंह, ललन सिंह, कैप्टन सुनील सिंह, राम निरंजन चौधरी को बेल बॉण्ड से मुक्त कर दिया!
साभार: चंदन शर्मा